Sanjha Morcha

एलओसी पर अलर्ट, सीमा पार से हमलों की आशंका

सुरेश एस डुग्गर
श्रीनगर, 6 जून

Border
जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, जम्मू कश्मीर में कई शीर्ष आतंकी और फिदायीन समूह घुसपैठ की कोशिश में है, जिसके चलते यहां अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही हजारों अतिरिक्त सैनिकों को एलओसी पर तैनात करने के अतिरिक्त तोपखानों को भी स्थिति से निपटने की खातिर तैनात किया जा चुका है।
इससे पहले पिछले हफ्ते एलओसी के कई इलाकों में सेना ने कई आतंकियों को मार गिराया था। यहां बड़ी संख्या में हथियारों से लैस आतंकी सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन समय रहते सुरक्षा बलों को इनकी भनक लग गई थी। इसके बाद सेना ने अपनी घेराबंदी मजबूत कर दी और दोनों तरफ से कई घंटों तक भारी फायरिंग होती रही। पिछले कुछ दिनों से पाक सेना द्वारा बार-बार संघर्ष विराम के उल्लंघन की आड़ में घुसपैठ के प्रयास के साथ-साथ भारतीय सेना का ध्यान भटकाना भी माना जा रहा है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तानी सेना व पाक की बार्डर एक्शन टीम (बैट) हमले की योजना बना रही है।
रक्षाधिकारियों के बकौल, ऐसी कोई घटना पुनः न हो इसके लिए बर्फ के पूरी तरह से पिघलने से पहले ही पारंपारिक घुसपैठ के रास्तोें पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात कर देना जरूरी है। कितने अतिरिक्त सैनिकों को एलओसी और बार्डर पर भेजा गया है कोई आंकड़ा सरकारी तौर पर मुहैया नहीं करवाया गया है पर सूत्र कहते हैं कि ये संख्या हजारों में है। इतना जरूर है कि एलओसी पर घुसपैठ तथा कश्मीर के भीतर आंतरिक आतंकवाद विरोधी अभियानों के दोहरे मोर्चे पर जूझने के लिए अब सेना सैनिकों की कमी इसलिए महसूस कर रही है क्योंकि उसकी सूचनाएं कहती हैं कि आतंकवादी एकसाथ दोहरा मोर्चा खोल सेना के लिए मुसीबतें पैदा कर सकते हैं। इसकी खातिर सेना को आतंकवाद विरोधी अभियानों में जुटे सैनिकों को भी एलओसी पर भेजने की मजूबरी है।

सहयोगी के बजाय खतरा अधिक है पाकिस्तान

वाशिंगटन, 6 जून (एजेंसी)
अमेरिका के एक प्रमुख थिंक टैंक ने कहा है कि पाकिस्तान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के लिए अब भी पनाहगाह बना हुआ है और वह एक सहयोगी होने के बजाय खतरा अधिक है। थिंक टैंक ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप प्रशासन को इस्लामाबाद को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि वह तालिबान एवं हक्कानी नेटवर्क को समर्थन देना जारी रखता है, तो उसे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘अफगानिस्तान संघर्ष में और अपने सैन्य राजनीतिक, शासन एवं गरीबी, हर संदर्भ में बुरा प्रदर्शन कर रहा है। पाकिस्तान अब भी तालिबान एवं हक्कानी नेटवर्क की पनाहगाह बना हुआ है और वह सहयोगी होने के बजाय खतरा अधिक है।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका को चीन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान संबंधी समस्या से निपटने में चीन का सहयोग चीन और अमेरिका दोनों के हित में होगा।

पत्नी को आग लगाने के बाद जवान ने की खुदकुशी

जम्मू, 6 जून (एजेंसी)
बीएसएफ के एक हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर अपनी पत्नी को आग लगाने के बाद जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मंगलवार को कहा कि सांबा जिले में बीएसएफ की 97वीं बटालियन में तैनात नीलम कुमार ने सोमवार को कठुआ जिले के चडवाल इलाके में सेसवान स्थित अपने घर में पत्नी की हत्या के बाद उसे आग लगा दी। कठुआ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खलील पोसवाल ने कहा कि बीएसएफ के हेड कांस्टेबल का शव सेसवान में रेल की पटरियों पर मिला।
तीसरी शादी थी, पहली बीवी का हुआ था कत्ल : बताया गया कि रितु नीलम कुमार की तीसरी पत्नी थी। दोनों पिछले 7-8 सालों से साथ रह रहे थे। रितु का शव आधी जली हुई हालत में घर के पास मिला। पुलिस अधिकारी ने कहा कि रितु ने अपने पति के खिलाफ बीएसएफ अधिकारियों से शिकायत की थी कि वह उसे गुजारा-भत्ता नहीं दे रहा।
पुलिस के अनुसार कुमार की दूसरी पत्नी जम्मू के बख्शी नगर में पुलिस विभाग में काम करती है। उनके दो बच्चे भी हैं। अधिकारी ने कहा कि जवान की पहली पत्नी की 20 साल पहले उसके बड़े भाई ने हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने खुदकशी कर ली थी।